अंतर्राष्ट्रीय संवाद के लिए नई अंतिम तिथि: # तारीख याद रखें और अपना प्रस्ताव भेजें

30 जुलाई, 2019; अंतर्राष्ट्रीय संवाद

प्रिय कार्यकर्ताओं, शोधकर्ताओं और अनुभवधारकों,

हमें यह सूचित कर ख़ुशी हो रही है कि हमारा अगला अंतर्राष्ट्रीय संवाद भारत की राजधानी दिल्ली में इस साल के अंत में 9 से 12 दिसंबर के बीच (9-12 दिसंबर, 2019) आयोजित होगा. संवाद का विषय है, “चुनौतियों के बीच आगे बढ़ना: अंतर्राष्ट्रीय कानून, घरेलू मुकदमों और माफीनामा/प्रायश्चित के साधनों के जरिए यौन अभिमुखता, जेंडर पहचान या अभिव्यक्ति और यौन विशिष्टताओं (एसओजीआईईएससी) से संबंधित मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन अनुभवों का दस्तावेजीकरण और विश्लेषण (“रायजिंग थ्रू द चैलेंज: डॉक्यूमेंटिंग एंड एनालायजिंग बेस्ट प्रैक्टिसेज फॉर एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स रिलेटेड टू सेक्सुअल ओरिएंटेशन, जेंडर आइडेंटिटी ऑर एक्सप्रेशन एंड सेक्स करैक्टरिसटिक्स (एसओजीआईईएससी) यूजिंग द टूल्स ऑफ़ इंटरनेशनल लॉ, डोमेस्टिक लिटिगेशन, एंड अपोलोजी/रेपरैशन”)

इस अंतर्राष्ट्रीय संवाद का आयोजन एआरसी इंटरनेशनल ने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल स्थित द सेंटर फॉर हेल्थ लॉ, एथिक्स एंड टेक्नोलॉजी (सीएचएलईटी) के साथ मिलकर किया है. इस आयोजन का मकसद कानून, सामाजिक बदलाव और गरिमा एवं न्याय के संघर्षों के तरीकों को प्रतिबिंबित और विश्लेषित करने के लिए मंच प्रदान करना है. साथ ही, इसका मकसद इन विचारों का दस्तावेजीकरण और प्रकाशन भी है ताकि इन्हें विभिन्न वैश्विक हितधारकों के साथ साझा किया जा सके और वे इनका उपयोग कर सकें.

यह पहला आह्वान प्रत्येक को तारीख़ याद दिलाने के लिए है और जिनके पास माफीनामा/प्रायश्चित, अंतर्राष्ट्रीय कानून और/या घरेलू मुकदमों का अनुभव है, उन सभी के लिए उपरोक्त किसी भी विषय से संबंधित अपने बेहतरीन अनुभवों पर आधारित एक संक्षिप्त प्रस्ताव (100 शब्दों का संक्षिप्त विवरण) भेजने के लिए एक विशिष्ट आमंत्रण है. एक चयन समिति प्रस्तावों की समीक्षा करेगी और 7-10 पृष्ठों का सुनिश्चित दिशानिर्देशों के आधार पर विवरण (गाइडेड नैरेटिव) तैयार करने के लिए 10-15 हितधारकों का चयन करेगी. चयनित विवरणों को अंतर्राष्ट्रीय संवाद में प्रस्तुत किया जाएगा और अंतर-क्षेत्रीय समान समूहों (क्रॉस-रीजनल पीयर सेटिंग्स) की बीच इन पर विचार-विमर्श किया जाएगा. चयनित प्रतिभागियों को एक अल्प मानदेय दिया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय वार्ता में भागीदारी से संबंधित उनके सभी खर्च वहन किए जाएंगे.

प्रस्ताव प्राप्त करने की आख़िरी तारीख 15 सितंबर, 2019 (रविवार) है.

चयन के मापदंड इस प्रकार हैं:

  • विभिन्न क्षेत्रों से बेहतरीन अनुभवों की प्रभावशाली प्रस्तुति;
  • हितधारकों की विविधता, उदाहरण के लिए, आम मानवाधिकार समूह, एलजीबीटीआई समूह, महिला संगठन, वकील, शिक्षाविद, आदि;
  • विविध बेहतरीन अनुभव; जैसे कि अदालतों या कानून निर्माताओं को समझाने के लिए मुकदमों से संबंधित रणनीतियों के रूप में इस्तेमाल किए गए विवरण;
  • परियोजना समयसीमा के अंदर प्रभावशाली विवरण लेखन और एक संक्षिप्त वैचारिक लेख लिखने और अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश या हिंदी में संवाद करने की क्षमता;
  • दिसंबर, 2019 में दिल्ली, भारत में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय संवाद में अनुपूरक दृश्य सामग्री के साथ इस विवरण को प्रस्तुत करने की उपलब्धता.

संवाद के बारे में ज्यादा जानकारी की रुचि रखने वालों से हम सितंबर में पंजीकरण के बारे में जानकारी साझा करेंगे.

दिलचस्पी प्रदर्शित करने के लिए हम आपका धन्यवाद करते हैं और हमें आपके प्रस्ताव की प्रतीक्षा है.

सादर,

किम वांस-मुबांगा, एआरसी इंटरनेशनल
दीपिका जैन, द सेंटर फॉर हेल्थ लॉ, एथिक्स एंड टेक्नोलॉजी (सीएचएलईटी), जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल